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सनातनी त्योहार मनाने क्यों जरूरी है?

सनातनी त्योहार हमारे त्योहार पूर्ण रूप से वैज्ञानिक है, जिसको आज के वैज्ञानिक आज खोज रहे है, लाखो वर्ष पूर्व हमारे ऋषि उनको लिख चुके है, समझा चुके है। और हम उस जीवन को जी रहे है, तभी विश्व का कल्याण हो रहा है।  आज आप देखेंगे लोग सनातन की तरफ देख रहे है जीवन

एक ही मुहूर्त में जन्में लोगो का भाग्य अलग क्यो हो जाता है?

एक ही मुहूर्त में जन्में लोगो का भाग्य अलग क्यो हो जाता है। एक ही घड़ी मुहूर्त में जन्म लेने पर भी सबके कर्म और भाग्य अलग अलग क्यों एक प्रेरक कथा … एक बार एक राजा ने विद्वान ज्योतिषियों की सभा बुलाकर प्रश्न किया- मेरी जन्म पत्रिका के अनुसार मेरा राजा बनने का योग

Economic Weak Category (EWC)

Economic Weak Category (EWC) Economic Weak Category (EWC) क्या है ? इस Economic Weak Category (EWC) का उद्देश्य को जानना और समझना सबसे पहले बहुत जरूरी है। : भारत मे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWC) के लिए नीति का उद्देश्य समाज के आर्थिक दृष्टि से अपुष्ट वर्गों को शिक्षा, रोजगार और अन्य अवसरों के लायक

दशहरा विजयदशमी और शस्त्र पूजा

विजयादशमी और शस्त्र पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ भीतर के रावण को जो, आग स्वयं लगायेंगे। सही मायनों में वे ही, दशहरा मनायेंगे।। न चापि त्रिषु लोकेषु राजन्विद्येत कश्चन।राघवस्य व्यलीकं यः कृत्वा सुखमवाप्नुयात्।। 5.51.20 यह श्लोक रामचरितमानस के युद्धकाण्ड का है, जिसमें हनुमान रावण से कहते हैं कि इन तीनों लोकों में ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं

श्राद्ध और तर्पण क्यों अत्यंत अनिवार्य हैं, कारण और निवारण?

श्राद्ध और तर्पण क्यों अत्यंत अनिवार्य हैं, कारण और निवारण? हमारी भारतीय संस्कृति में मृत्यु के साथ जीवन समाप्त नहीं होता, अनन्त जीवन शृंखला की एक कड़ी मृत्यु भी है, हमलोग मृत्यु लोक में जन्म लिए है। इसलिए संस्कारों के क्रम में जीव की उस स्थिति को भी बाँधा गया है। जब वह एक जन्म

सनातन भारत – विश्व की जरूरत

परिचय विश्व की स्थिति को हम सभी लोग देख और जान रहे है। सच्चाई से भी अवगत है, लेकिन मानना नहीं चाहते। विश्व आज एक अंधी दौड़ में भाग रहा है जिसका अंत सिर्फ विनाश है। यह लोग देख भी रहे है और जान भी रहे है, लेकिन अपनी इच्छा पूर्ति में दुसरो को भी

Divine Maha Purn Kumbh

Divine Maha Purn KumbhReligious Foundation of Humanity on Earth by Eternal Hindu The Festival of Eternal Pure Joy & Ecstasy, Towards Nature We are talking about the festival of such civilization where there is no animal sacrifice, no bloodshed, no non-veg., no uniform, no violence, no politics, no high and low, no conversion, no sect, no

दिव्य महापूर्णकुम्भ, हिन्दू पृथ्वी पर मानवता की धार्मिक नीव ।

दिव्य महापूर्णकुम्भ हिन्दू पृथ्वी पर मानवता की धार्मिक नीव । दिव्य महापूर्णकुंभ, सनातन शुद्ध आनंद और परमानंद पर्व, प्रकृति की ओर । हम ऐसे सभ्यता के पर्व की बात कर रहे है जहाँ कोई पशु बलि नहीं, कोई रक्तपात नहीं, कोई वर्दी नहीं, कोई हिंसा नहीं, कोई राजनीति नहीं, कोई उच नीच नहीं, कोई धर्मांतरण नहीं, कोई

मकर संक्रांति त्योहार का महत्व और ज्ञान ।

मकर संक्रांति त्योहार देश के हर भाग में अलग अलग नामो से मनाया जाता है ।  संक्रांति शब्द सूर्य से बना है सूर्य जब एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं तो उस काल को संक्रांति काल कहा जाता है सूर्य के धनु से मकर राशि में प्रवेश करते ही खरमास समाप्त

हाथियों के साथ बर्बरता ।

हाथियों की कई घटनाओं ने झकझोर के रख दिये, मानवीय पापो की सीमा चरम पे हो गई है । पृथ्वी आह से भर रही है । हर दिन सिर्फ कत्लेआम देखने को मिल रहा है । और मनुष्य को कोई एहसास नही है वो क्या कर रहे है । बंगाल के एक गाँव मे हाथी