हाथियों के साथ बर्बरता ।
हाथियों की कई घटनाओं ने झकझोर के रख दिये, मानवीय पापो की सीमा चरम पे हो गई है । पृथ्वी आह से भर रही है । हर दिन सिर्फ कत्लेआम देखने को मिल रहा है । और मनुष्य को कोई एहसास नही है वो क्या कर रहे है ।
बंगाल के एक गाँव मे हाथी और उसके बच्चे को रॉड गर्म करके और ज्वलनशील पदार्थ डाल के जला के मार दिया गया ।

केरल, मल्लपुरम गर्भवती हथिनी को विस्फोटक पदार्थ खिला के मार दिया गया। वो हथिनी दो हफ़्तों तक वेल्लीयार नदी में खड़ी रही और मर गई। लोकल लोग जानते हुए कुछ नही किये। फ़ेसबुक से जानने के बाद पुलिस ने कार्यवाही की ।
केरल के जंगल दुनिया के खूबसूरत जंगलों में आते है, उन जंगलो में 2015 – 2023 के बीच 845 हाथियों की मौत हो गई या मार दिया गया ये कहा जाए और उनकी मृत्युदर लगातार बढ़ते जा रही है ।
आखिर मानव करना क्या चाह रहा है, पहले पशु पक्षियों की जगह को हड़प लेता है। फिर उनको उन्ही के घर से भगाने के लिए मरता है और जानवर को खा भी जा रहा है। क्या मनुष्य मांसाहारी हैं। ऊपर वाले ने हमे एक अंतर के साथ मनुष्य बनाया है। मनुष्य को सोचना होगा, मनुष्यता क्या है, मनुष्य का जन्म क्यो हुआ है।

आपके घर को कोई कब्जा कर ले तो आप क्या करेंगे ? एक बेजुबान हाथी आपसे अपने घर के बदले कुछ खाने को मांग लेता है तो मनुष्य उसकी हत्या कर देता है।
प्रकृति क्यो मनुष्यों को माफ करेंगी । हर किसी को अपने कर्मो का जवाब देना होगा। प्रकृति किसी को नही छोड़ती है।
क्या आपने कभी सोचा है, अगर आपके घर में कोई प्रेग्नेंट हो और उसके साथ कोई ऐसा कोई करे, तो आप क्या करेंगे। कितनी तड़प कितनी हाय, कितनी पीड़ा, ओह सोच के भी दर्द भर जाता है। आँखे भर जाती है।
भगवान ने मनुष्यों को अपनी रचना (पृथ्वी) को संभालने के लिए बनाया है, ना कि उसको नष्ट करने के लिए। उसके हरेक जीव जंतु को संभालने, देखभाल करने के लिए मनुष्यों को बनाया है।
मनुष्य अपने आस पास, मनुष्य, जीव जंतु, पशु पक्षियों की रक्षा कीजिये, ये आपका फ़र्ज़ है। जैसे राजा सिर्फ मनुष्य का नही अपितु सबका राजा होता है, उसका कर्तव्य है सबकी रक्षा करना और न्याय करना, वैसे ही हर मनुष्य का कर्तव्य है, अपने आस पास सबकी रक्षा करे।
