वृक्ष ही जीवन है।

वृक्ष ही जीवन है, हर साल एक वृक्ष जरूर लगाए ।  एएसआर दिप पौधरोपड़ कार्यक्रम के अंतर्गत, अंतरराष्ट्रीय स्तर पे इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में, इंडोनेशिया के सुल्तान ने पौधरोपड़ रोपण कार्यक्रम चलाया । उनका सबसे आह्वाहन है, जहाँ कही भी खाली जगह हो आप पौधें लगाये । जकार्ता, इंडोनेसिया पौधरोपण – पर्यावरण में बढ़ता

पेड़ो को आसानी से कैसे बनाये ।

संकल्प ले, अपने जन्मदिन, सालगिरह, पितरो के लिए, स्कूल, कॉलेज, आफिस, महीने में एक विक्ष जरूर लगाएं, ये सिर्फ आपके लिए है,  आपके भविष्य और अगली पीढ़ी के लिए है, तभी आप जीवित रह पाएंगे ।  एक पेड़ आपको और आने वाली पीढ़ी को जीवन दे सकता है । इतनी गर्मी क्यों है ? सिर्फ

त्रिवेणी का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व।

त्रिवेणी के पेड़ इस विश्वास के कारण पूजनीय हैं कि हिदू देवताओं की त्रिमूर्ति ब्रह्मा विष्णु और महेश उनमें निवास करते हैं और दिव्य सकारात्मक ऊर्जा से जुड़े हैं।  पूर्ण विकसित त्रिवेणी को प्राकृतिक धर्मशाला कहा जाता है। पर्यावरण के लिए एक बार जब हम उन्हें लगाते हैं, तो वे सैकड़ों वर्षों तक पर्यावरण को

नौरात्रि, शक्ति की पूजा जरूरी क्यो ?

प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी। तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम् ।। पंचमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम् ।। नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गा: प्रकीर्तिता:।नौरात्रि, शक्ति की पूजा जरूरी क्यों?  शक्ति को सनातन परंपरा में ब्रह्मांड की सृष्टि पालन और संहार की मूल ऊर्जा माना जाता है, जो नारी तत्व से जुड़ा है। शक्ति का प्रतीक दिव्य नारीत्व है,